आधुनिक पुस्तकालय एवं सूचना केन्द्रों का बदलता स्वरूप
ज्ञान, सूचना, प्रौद्योगिकी और उपयोगकर्ता सेवाओं के समन्वय से विकसित होती आधुनिक पुस्तकालय व्यवस्था।
आधुनिक पुस्तकालय विज्ञान का परिचय
आधुनिक पुस्तकालय विज्ञान को पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान कहा जाता है, क्योंकि इसका कार्य केवल पुस्तकों के अर्जन, प्रस्तुतीकरण, वर्गीकरण, प्रसूचीकरण और पटल व्यवस्था तक सीमित नहीं है। इसमें सूचना की खोज, प्राप्ति, संसाधन, सम्प्रेषण तथा पुनर्प्राप्ति जैसी प्रक्रियाएँ भी सम्मिलित हैं।
आधुनिक पुस्तकालयों में सूचना संचार प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग हो रहा है। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान की शिक्षा के माध्यम से पुस्तकालयों के व्यवस्थापन और संचालन के लिए योग्य तथा कुशल कर्मचारियों का निर्माण होता है। यह विषय तकनीकी ज्ञान के साथ सेवा-भावना को भी महत्व देता है।
सूचना समाज में पुस्तकालय की भूमिका
वर्तमान समाज को सूचना समाज कहना अधिक उपयुक्त है, क्योंकि मानव जीवन की अनेक गतिविधियाँ सूचना पर आधारित हैं। क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय सूचना को शीघ्र तथा प्रभावी ढंग से उपयोगकर्ताओं तक पहुँचाने के लिए पुस्तकालयों में मशीनीकरण और संगणकीकरण का प्रयोग बढ़ा है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास के कारण ज्ञान का विस्तार अत्यन्त तीव्र गति से हो रहा है। शोधकर्ता और विषय विशेषज्ञ अपने क्षेत्र में होने वाले नवीन शोध तथा गतिविधियों से सम्बन्धित नवीनतम सूचना प्राप्त करना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में संगणक और सूचना नेटवर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पुस्तकालयों एवं सूचना केन्द्रों की प्रमुख सेवाएँ
न्यूनतम स्तर की सेवाएँ
पाठकों को पुस्तकालय में उपलब्ध सामग्री की जानकारी देना, सन्दर्भ प्रश्नों के उत्तर देना तथा उपयुक्त सूचना स्रोतों की ओर मार्गदर्शन करना इस स्तर की प्रमुख सेवाएँ हैं।
मध्यम स्तर की सेवाएँ
साहित्य खोज, पूर्वव्यापी ग्रंथसूची, चयनित प्रसार सेवा, सामयिक जागरूकता तथा शोध सामग्री के चयन जैसी सेवाएँ इस स्तर में आती हैं।
उच्चतर स्तर की सेवाएँ
सूचना के विश्लेषण, संश्लेषण और मूल्यांकन के बाद उसे उपयोगकर्ता की आवश्यकता के अनुरूप प्रस्तुत करना उच्चतर सूचना सेवा का महत्वपूर्ण भाग है।
सूचना केन्द्रों के प्रमुख प्रकार
विभिन्न प्रकार की सूचना आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अनेक प्रकार के सूचना केन्द्र विकसित हुए हैं। इन्हें उनके कार्य और सेवाओं के आधार पर विभिन्न वर्गों में समझा जा सकता है।
डेटा केन्द्र
डेटा केन्द्र परिमाणात्मक, संख्यात्मक तथा तथ्यात्मक आँकड़ों के संग्रह, भण्डारण, व्यवस्थापन, विश्लेषण और प्रसार से सम्बन्धित सेवाएँ प्रदान करते हैं।
सूचना विश्लेषण केन्द्र
इन केन्द्रों में विभिन्न स्रोतों से सूचना प्राप्त कर उसका विश्लेषण, व्याख्या, संश्लेषण और मूल्यांकन किया जाता है, ताकि उपयोगकर्ता उसका प्रत्यक्ष उपयोग कर सके।
सूचना प्रसार केन्द्र
इनका प्रमुख उद्देश्य विषय-विशेष से सम्बन्धित सूचना का उपयोगकर्ताओं तक प्रसार करना है। सामयिक जागरूकता और चयनित प्रसार जैसी सेवाएँ इनके महत्वपूर्ण कार्य हैं।
डेटा केन्द्रों की उपयोगिता
डेटा का अर्थ परिमाणित सूचना अथवा संख्या के रूप में प्रस्तुत सूचना से है। वैज्ञानिक प्रयोगों और सामाजिक अध्ययन के सर्वेक्षणों से प्राप्त आँकड़ों को सारणी या सारांश के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। डेटा केन्द्र ऐसे आँकड़ों के संग्रह, भण्डारण, व्यवस्थापन, विश्लेषण और प्रसार का कार्य करते हैं।
- आँकड़ों का संग्रह एवं भण्डारण
- आँकड़ों का व्यवस्थापन एवं विश्लेषण
- माँग के अनुसार संबंधित आँकड़े उपलब्ध कराना
- आँकड़ों का सारणीबद्ध प्रस्तुतीकरण
- ग्राफीय तथा सारांशात्मक प्रस्तुतीकरण
- विभिन्न विषयों से सम्बन्धित अनुक्रमणिकाएँ एवं सार तैयार करना
सूचना विश्लेषण केन्द्र की विशेषताएँ
सूचना विश्लेषण केन्द्र उपयोगकर्ता को केवल प्रलेख उपलब्ध कराने के स्थान पर प्रलेख में निहित उपयोगी सूचना को उसके आवश्यक स्वरूप में प्रस्तुत करने का प्रयास करते हैं। इस प्रकार यह अत्यन्त उपयोगकर्ता-केन्द्रित सूचना सेवा का स्वरूप ग्रहण करता है।
- सूचना का विश्लेषण एवं व्याख्या
- सूचना का संश्लेषण एवं मूल्यांकन
- विशेषज्ञों की सहायता से प्रामाणिक सूचना तैयार करना
- नवीन तथा मूल्यांकित सूचना प्रस्तुत करना
- उपयोगकर्ताओं के प्रश्नों के उत्तर में उपयोगी सूचना उपलब्ध कराना
सूचना प्रसार केन्द्र
सूचना प्रसार केन्द्रों का विकास विषय-विशेष से सम्बन्धित सूचना को उपयोगकर्ताओं तक व्यवस्थित रूप से पहुँचाने की आवश्यकता के कारण हुआ। ये केन्द्र उपलब्ध सूचना स्रोतों और संगणकीय आँकड़ा-संग्रहों से उपयोगी सूचना खोजकर उपयोगकर्ताओं को सामयिक जागरूकता, चयनित प्रसार और साहित्य खोज जैसी सेवाएँ प्रदान करते हैं।
इन केन्द्रों के विकास से सूचना सेवा को एक नया आर्थिक और व्यावसायिक आयाम भी मिला। सूचना उत्पादों तथा सेवाओं की बढ़ती आवश्यकता ने सूचना के अर्थशास्त्र और सूचना विपणन जैसे क्षेत्रों के विकास को भी प्रोत्साहित किया।
आधुनिक पुस्तकालय की प्रमुख गतिविधियाँ
- सूचना का संग्रह एवं संगठन
- सूचना का प्रसंस्करण एवं पुनर्प्राप्ति
- संगणकीय माध्यमों से सूचना भण्डारण
- सूचना नेटवर्क का उपयोग
- अन्तर्जाल आधारित सूचना अभिगम
- डिजिटल पुस्तकालयों का विकास
- सूचना साक्षरता का प्रसार
- उपयोगकर्ता की सूचना आवश्यकता की पहचान
- सूचना का मूल्यांकन एवं अद्यतन
- पुस्तकालय तथा सूचना सेवाओं का प्रसार
निष्कर्ष
आधुनिक पुस्तकालय व्यवस्था ज्ञान और सूचना के बदलते स्वरूप के साथ निरन्तर विकसित हो रही है। पुस्तकालय अब केवल मुद्रित पुस्तकों के संग्रह और संरक्षण तक सीमित संस्था नहीं है, बल्कि सूचना के संग्रह, संगठन, विश्लेषण, पुनर्प्राप्ति और प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने वाली महत्वपूर्ण संस्था बन चुकी है।
डेटा केन्द्र, सूचना विश्लेषण केन्द्र और सूचना प्रसार केन्द्र आधुनिक सूचना व्यवस्था के महत्वपूर्ण अंग हैं। इनकी सेवाएँ शोधकर्ताओं, विशेषज्ञों तथा सामान्य उपयोगकर्ताओं को आवश्यक सूचना उपलब्ध कराने में सहायक होती हैं। इसलिए पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान की शिक्षा में परिवर्तनशील तकनीकी और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप निरन्तर विकास आवश्यक है।